तू तडाक
बात को दिल पर मत लीजिएगा
मराठियों के लिए मेरे दिल मे बहुत सम्मान और आदर है.महाराष्ट्र का लोक संगीत, साहित्य,रंगमंच वगैरह वगैरह में अपना अलग स्थान है.
सब कुछ ठीक है, सिवाए एक चीज़ के, कुछ मराठी सज्जनों का "तुम" और "तू" का प्रयोग.मैं मराठी का जानकार नही हूँ इसलिए दावे के साथ कुछ कह नही कह सकता परंतु मैने सुना है की अंग्रेज़ी के समान मराठी में भी आप के लिए कोई शब्द नही होता. यह समझ में आता है, जो समझ में नही आता वो यह कि हिंदी में "आप" (जो कि सम्मानजनक है और हमेशा अपरिचतों तथा सहकर्मियों के साथ उपयोग करना चाहिए) होते हुए भी कुछ सज्जन इसका प्रयोग क्यों नही मरते. इसका परिणाम यही होता है कि सामनेवाला अपमानित अनुभव करता है और बात करने से कतराता है.

1 comments:
आपकी बात बिल्कुल ठीक है। कम-से-कम हिन्दी भाषियों को इसका पूरा ख़याल रखना चाहिए। जहाँ तक मराठी भाषियों का सवाल है, इसके अभ्यस्त न होने के कारण वे हिन्दी बोलते वक़्त भी प्राय: 'तुम' और 'तू' का प्रयोग करते हैं।
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