आई एम बैक
भाई लोगों अपुन की लाईफ की सेड स्टोरी ऐसी है कि टू टाईम्स अपुन ने ट्राई मारा हिंदी में लिखने की, लेकिन दोनो बार गूगल ने अपनी वाट लगा डाली. पन अपुन ने हिम्मत नही हारा, और एक बार फिर स्टार्ट. सिर्फ तुम लोगो के लिए कुछ दोहें, जो बचपन में अपुन का टीचर अपुन को पढाएला था

2 comments:
कया लिखेला है बाप। मजा आया...
शरन भाई बस क्या
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